दिल तो दे ही दिया है
अब क्या जान भी लोगी
अब तो हाँ कर दो
और कितना इम्तिहान लोगी ||
Showing posts with label शेर-ओ-शायरी. Show all posts
Showing posts with label शेर-ओ-शायरी. Show all posts
Sep 7, 2010
Aug 28, 2010
तुम कब हाँ बोलोगी ?
मुझे तुम से मोहब्बत है,
मैंने तो कर दिया इकरार |
अब तो है यही इंतज़ार ,
तुम भी कहो तुम्हे है मुझे से प्यार||
मैंने तो कर दिया इकरार |
अब तो है यही इंतज़ार ,
तुम भी कहो तुम्हे है मुझे से प्यार||
Mar 6, 2009
शेर-ओ-शायरी
इन नशीली आंखों के मैखाने ,
से पिलाते रहो जाम
इन रेशमी जुल्फों के तले ,
बिता करे हर शाम
ऐ शमाँ ! ये तमना मेरी नहीं है
ऐ शमाँ ! ये तमना मेरी नहीं है
ये उन परवानों की है ,
जो देते हैं तुझ पर जान
से पिलाते रहो जाम
इन रेशमी जुल्फों के तले ,
बिता करे हर शाम
ऐ शमाँ ! ये तमना मेरी नहीं है
ऐ शमाँ ! ये तमना मेरी नहीं है
ये उन परवानों की है ,
जो देते हैं तुझ पर जान
Mar 5, 2009
Oct 16, 2008
दिल का हाल
कुछ होश नहीं रहता कुछ ध्यान नहीं रह्ता
जुबान पे तेरे एक नाम के सिवा कोई नाम नहीं रहता ।
तुमको जो चाहा तुमको है पाया
साथ जो तुम हो मेरे कोई अरमान नहीं रहता ।
Subscribe to:
Posts (Atom)